राष्ट्रीय

चुनाव से पहले EC का बड़ा प्रहार, 400 करोड़ से अधिक की अवैध राशि पर कार्रवाई

देश के पांच राज्यों में चुनाव की घोषणा के साथ ही आचार संहिता लागू होते ही प्रवर्तन एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। इसी कड़ी में गुरुवार को चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में बड़ी कार्रवाई करते हुए 400 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध सामग्री और धनराशि जब्त की गई है। यह जानकारी स्वयं चुनाव आयोग की ओर से दी गई है।

जब्ती का पूरा ब्यौरा
चुनाव आयोग के अनुसार इलेक्ट्रॉनिक जब्ती प्रबंधन प्रणाली (EEMS) के सक्रिय होने के बाद अब तक कुल 408.82 करोड़ रुपये की जब्ती की गई है। इसमें शामिल हैं—

  • 17.44 करोड़ रुपये नकद
  • 37.568 करोड़ रुपये की शराब
  • 167.38 करोड़ रुपये के नशीले पदार्थ
  • 23 करोड़ रुपये की कीमती धातुएं
  • 163.30 करोड़ रुपये से अधिक के मुफ्त बांटे जाने वाले गिफ्ट और प्रलोभन सामग्री

चुनाव से पहले सख्त निगरानी
चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए आयोग ने सख्त निगरानी व्यवस्था लागू की है। शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई के लिए हजारों टीमें तैनात की गई हैं—

  • 5,173 से अधिक फ्लाइंग स्क्वाड
  • 5,200 से अधिक स्टैटिक सर्विलांस टीमें

इन टीमों का काम चुनाव के दौरान अवैध धन, शराब, ड्रग्स और अन्य प्रलोभनों पर नजर रखना और तुरंत कार्रवाई करना है।

उच्च स्तरीय समीक्षा और निर्देश
24 मार्च को आयोग ने चुनावी राज्यों और उनके आसपास के 12 राज्यों के शीर्ष अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इसमें निर्देश दिया गया कि सभी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय के जरिए निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और प्रलोभन-मुक्त चुनाव सुनिश्चित किए जाएं। साथ ही यह भी कहा गया कि जांच और निगरानी के दौरान आम जनता को अनावश्यक परेशानी न हो।

नागरिकों की भागीदारी और शिकायत निवारण
चुनाव आयोग ने बताया कि लोग शिकायत दर्ज करने के लिए C-Vigil ऐप का उपयोग कर रहे हैं।

  • पिछले 10 दिनों में 70,944 शिकायतें मिलीं
  • इनमें से 70,831 शिकायतों का निपटारा किया गया
  • लगभग 95.8% शिकायतें 100 मिनट के भीतर हल कर दी गईं

इसके अलावा, शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए कॉल सेंटर और जिला स्तर पर विशेष समितियां भी बनाई गई हैं, ताकि लोग सीधे चुनाव अधिकारियों से संपर्क कर सकें।

इस पूरी कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि चुनाव आयोग इस बार अवैध प्रलोभनों और अनियमितताओं पर सख्त नजर बनाए हुए है, ताकि चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो सकें।