Unnao जिले में भीषण गर्मी और Ganga River की धारा में अचानक आए बदलाव ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खासतौर पर शुक्लागंज क्षेत्र में नदी का जलस्तर बढ़ने और बहाव की दिशा बदलने से किनारे की रेत में उगाई जाने वाली सब्जियों की फसल को भारी नुकसान हुआ है।
ककड़ी, खीरा, तरबूज और लौकी जैसी फसलें पानी भरने और तेज धूप के दोहरे असर से खराब हो रही हैं। स्थानीय किसानों का कहना है कि धारा बदलने से खेतों में अचानक पानी भर गया, जिससे रेत में उगाई गई फसलें सड़ने लगीं। वहीं, लगातार पड़ रही तेज गर्मी ने बची हुई फसल को भी झुलसा दिया।
किसानों के अनुसार, इस बार उन्होंने ज्यादा लागत और मेहनत से फसल तैयार की थी, लेकिन प्राकृतिक परिस्थितियों ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। शुक्लागंज के तटवर्ती इलाकों में बड़ी संख्या में किसान हर साल रेत में मौसमी सब्जियां उगाकर अपनी आजीविका चलाते हैं और इससे अच्छी आमदनी भी होती थी।
इस बार हालात बिल्कुल अलग हैं—कहीं फसलें पानी में डूब गई हैं तो कहीं तेज धूप के कारण सूखकर नष्ट हो गई हैं। इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है और लाखों रुपये की क्षति की आशंका जताई जा रही है।
प्रभावित किसानों ने प्रशासन से नुकसान का आकलन कर मुआवजा देने की मांग की है। साथ ही, उन्होंने भविष्य में ऐसी स्थिति से बचाव के लिए तटवर्ती क्षेत्रों में स्थायी सुरक्षा और ठोस उपाय करने की भी अपील की है।






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