ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य Swami Avimukteshwaranand Saraswati ने गौरक्षा यात्रा के दौरान फर्रुखाबाद पहुंचकर केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने देश में गौ संरक्षण की स्थिति पर चिंता जताते हुए गौ माता को विशेष संवैधानिक सम्मान देने की मांग की।
अपने संबोधन में शंकराचार्य ने कहा कि देश में गौवंश की सुरक्षा और संरक्षण को लेकर गंभीर प्रयासों की आवश्यकता है। उनका आरोप था कि वर्तमान व्यवस्था में गौशालाओं की स्थिति कई स्थानों पर संतोषजनक नहीं है और पशुओं के रखरखाव से जुड़े मुद्दों पर अधिक ध्यान दिए जाने की जरूरत है।
उन्होंने गौ माता को “राजमाता” का दर्जा देने की मांग दोहराते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति और परंपरा में गाय का विशेष स्थान है, इसलिए उसके संरक्षण के लिए व्यापक और प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए।
शंकराचार्य ने अपने हालिया प्रवास के दौरान प्रशासनिक रवैये पर भी असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि धार्मिक और सामाजिक विषयों पर अपनी बात रखने वालों की आवाज को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath को लेकर भी उन्होंने तीखी टिप्पणी की और कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले लोगों का आचरण उनके पद और जिम्मेदारियों के अनुरूप होना चाहिए। साथ ही उन्होंने कानून-व्यवस्था और गौ संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर सरकार से अधिक प्रभावी कार्रवाई की अपेक्षा जताई।
गौरक्षा यात्रा के दौरान शंकराचार्य ने कहा कि उनका उद्देश्य गौ संरक्षण के प्रति जनजागरण करना और सरकारों का ध्यान इस विषय की ओर आकर्षित करना है। उन्होंने समाज से भी गौवंश की सुरक्षा और देखभाल में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।
फिलहाल उनके बयानों को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चाएं तेज हो गई हैं। वहीं, सरकार की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।








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