अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित अनियमितता मामले ने नया मोड़ ले लिया है। मामले में चर्चाओं के बीच मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कर्मचारी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव सामने आए और वीडियो जारी कर अपने ऊपर लगे आरोपों पर प्रतिक्रिया दी।
टिन्नू यादव ने कहा कि उनकी संपत्ति को लेकर जो दावे किए जा रहे हैं, वे गलत और भ्रामक हैं। उनका कहना है कि जिस जमीन को लेकर करोड़ों की कीमत बताई जा रही है, उसे उन्होंने वर्ष 2008 में खरीदा था और उनकी कमाई निजी कामकाज व अन्य स्रोतों से हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि चढ़ावे की राशि की गिनती या प्रबंधन से उनका कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं रहा।
मामले में कई शिकायतें, लेकिन FIR अभी नहीं
इस मामले को लेकर पुलिस के पास अब तक तीन अलग-अलग शिकायतें पहुंच चुकी हैं। शिकायतकर्ताओं ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार अब तक इस मामले में कोई औपचारिक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।
जांच के लिए मंदिर पहुंची SIT
मंगलवार को विशेष जांच दल (SIT) मंदिर परिसर पहुंचा और पूरे मामले की जांच शुरू की। प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में जांच टीम ने ट्रस्ट से जुड़े कर्मचारियों और संबंधित लोगों से पूछताछ की। बताया गया कि 50 से अधिक कर्मचारियों से जानकारी ली गई।
जांच के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और चढ़ावे के प्रबंधन को लेकर भी सवाल उठाए गए। अधिकारियों ने कर्मचारियों के प्रवेश और निकासी प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी जुटाई। प्रारंभिक स्तर पर यह भी देखा गया कि परिसर में प्रवेश के समय जांच होती थी, लेकिन बाहर निकलते समय प्रक्रियाओं को लेकर सवाल सामने आए।
कुछ कर्मचारियों से पूछताछ, बरामदगी का दावा
मामले में कुछ कर्मचारियों और संबंधित लोगों के नाम सामने आने के बाद जांच एजेंसियां उनकी भूमिका की पड़ताल कर रही हैं। जांच के दौरान कथित रूप से कुछ रकम बरामद होने की बात भी सामने आई है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
इस बीच राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं और विपक्ष ने मामले में पारदर्शिता तथा जवाबदेही की मांग की है। फिलहाल जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष आने का इंतजार किया जा रहा है।








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