अम्बेडकरनगर के संयुक्त जिला अस्पताल में मरीजों और उनके तीमारदारों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए फायर सेफ्टी व्यवस्था को आधुनिक बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। करीब दो दशक पुराने अस्पताल में अब अत्याधुनिक और ऑटोमैटिक फायर सेफ्टी सिस्टम लगाया जाएगा। इसके लिए सरकार ने 3.96 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दे दी है।
परियोजना के तहत पहली किस्त के रूप में 1.98 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। संबंधित कार्यदायी संस्था के साथ आवश्यक बातचीत पूरी होने के बाद अस्पताल में काम शुरू कराने की तैयारी है।
2005 से चल रहा है जिला अस्पताल
संयुक्त जिला अस्पताल वर्ष 2005 से संचालित हो रहा है। फिलहाल यहां आग से बचाव के लिए मुख्य रूप से अग्निशमन सिलिंडर और पानी की सप्लाई के लिए पाइप की व्यवस्था मौजूद है। हालांकि, बदलती जरूरतों और अस्पताल में मरीजों की संख्या को देखते हुए इस व्यवस्था को आधुनिक बनाने की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।
नई परियोजना पूरी होने के बाद अस्पताल में आग लगने की स्थिति में अलर्ट मिलने से लेकर आग पर काबू पाने तक की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक प्रभावी हो सकेगी।
स्वास्थ्य विभाग ने तैयार की थी कार्ययोजना
अस्पताल की फायर सेफ्टी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से पहले ही एक कार्ययोजना तैयार की गई थी। स्वास्थ्य महानिदेशक ने अयोध्या मंडल के अपर निदेशक से इस योजना और अनुमानित बजट की जानकारी मांगी थी।
इसके बाद नामित कार्यदायी संस्था यूपी सिडको ने अस्पताल में आधुनिक फायर सेफ्टी सिस्टम लगाने के लिए करीब साढ़े चार करोड़ रुपये का अनुमान तैयार कर शासन को भेजा था। प्रस्ताव की समीक्षा के बाद सरकार ने 3.96 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी।
ऑटोमैटिक सिस्टम के साथ लगेंगे आधुनिक उपकरण
नई फायर सेफ्टी व्यवस्था में कई आधुनिक उपकरण शामिल होंगे। अस्पताल में ऑटोमैटिक मोटर, पानी का टैंक, नई पाइपलाइन, फायर अलार्म और स्मोक डिटेक्टर लगाए जाने हैं।
अस्पताल के चार सामान्य हिस्सों के साथ तीन इमरजेंसी क्षेत्रों को भी इस नई फायर सेफ्टी व्यवस्था से जोड़ा जाएगा। किसी स्थान पर धुआं उठने की स्थिति में स्मोक डिटेक्टर तत्काल अलर्ट देने में मदद करेगा। इसके बाद ऑटोमैटिक फायर सिस्टम आग पर नियंत्रण पाने की प्रक्रिया को तेज करेगा।
मरीजों और कर्मचारियों की सुरक्षा होगी मजबूत
अस्पताल में फायर सेफ्टी सिस्टम के आधुनिकीकरण से मरीजों के साथ उनके तीमारदारों और अस्पताल के कर्मचारियों की सुरक्षा भी बेहतर होने की उम्मीद है। खासतौर पर इमरजेंसी क्षेत्रों को सिस्टम से जोड़ने से किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।
जल्द शुरू कराया जाएगा काम
संयुक्त जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. पीएन यादव ने बताया कि ऑटोमैटिक फायर सेफ्टी सिस्टम स्थापित करने के लिए कार्ययोजना पहले ही शासन को भेजी गई थी। अब सरकार से परियोजना को मंजूरी मिल चुकी है और पहली किस्त भी जारी हो गई है।
उन्होंने बताया कि कार्यदायी संस्था से समन्वय कर जल्द से जल्द अस्पताल में फायर सेफ्टी सिस्टम लगाने का काम शुरू कराने का प्रयास किया जा रहा है।









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