बरेली। शहर में पिछले 24 घंटे के दौरान हुई रिकॉर्डतोड़ बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। करीब 381.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज होने के बाद शहर के कई हिस्सों में कई फीट तक पानी भर गया। मौसम विभाग के मुताबिक, एक दिन में इतनी बारिश बरेली में 100 साल से भी ज्यादा लंबे रिकॉर्ड में पहले कभी दर्ज नहीं की गई।
भारी बारिश के कारण शहर के पॉश इलाकों से लेकर पुराने मोहल्लों तक जलभराव की स्थिति बन गई। कई जगह सड़कें और गलियां नदियों जैसी नजर आईं। इसी दौरान दो पुराने जर्जर मकान भी भरभराकर गिर गए। राहत की बात यह रही कि दोनों भवन पहले से खाली थे, इसलिए किसी की जान नहीं गई।
हालात बिगड़ने के बाद प्रशासन और नगर निगम की टीमें प्रभावित इलाकों में पहुंचीं। कई स्थानों पर लोगों को घरों से निकालकर सुरक्षित जगहों तक पहुंचाया गया। रेस्क्यू अभियान में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का भी सहारा लेना पड़ा।
सौदागरान और आजमनगर में गिरे पुराने मकान
बारिश के बीच मंगलवार तड़के शहर में दो पुराने मकान धराशायी हो गए। पहला हादसा करीब सुबह 5:30 बजे सौदागरान इलाके में दरगाह आला हजरत के पास हुआ। यहां लगभग 50 वर्ष पुराना दो मंजिला मकान अचानक गिर गया। मकान का मलबा मुख्य सड़क तक पहुंच गया, जिससे कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा।
दूसरी घटना कोतवाली क्षेत्र के आजमनगर में हरी मस्जिद के पास हुई। यहां शरीफ मियां का करीब 80 साल पुराना दो मंजिला मकान बारिश के बीच ढह गया। हादसे में तीन स्कूटर मलबे में दब गए। आसपास के कुछ मकानों में भी दरारें दिखाई दीं।
दोनों भवन पहले से खाली थे, इसलिए बड़ा हादसा टल गया। इसके बाद नगर निगम की टीम ने आसपास के इलाकों का निरीक्षण किया। वार्ड नंबर एक में दरार वाले चार मकानों को एहतियात के तौर पर खाली कराया गया। जर्जर भवनों के आसपास बैरिकेडिंग करने और चेतावनी बोर्ड लगाने के निर्देश भी दिए गए।
रेजिडेंसी गार्डन में 4 से 5 फीट तक पहुंचा पानी
बारादरी थाना क्षेत्र के स्टेडियम रोड स्थित वीआईपी रेजिडेंसी गार्डन में बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला। यहां रात के दौरान जलस्तर तेजी से बढ़ा और करीब 200 मकानों में 4 से 5 फीट तक पानी भर गया।
पानी घरों के कमरों तक पहुंचने के कारण लोगों का घरेलू सामान और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पानी में डूब गए। बिजली के करंट का खतरा देखते हुए इलाके की विद्युत आपूर्ति बंद कर दी गई।
स्थिति गंभीर होने के बाद नगर निगम और पुलिस की टीमों ने रेस्क्यू अभियान शुरू किया। दो बड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की मदद से घरों की छतों और बालकनियों से महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
पानी बढ़ने के कारण कई परिवारों को अपने घरों में ताला लगाकर रिश्तेदारों के यहां जाना पड़ा।
पॉश कॉलोनियों से सरकारी दफ्तरों तक जलभराव
भारी बारिश का असर शहर के कई प्रमुख इलाकों में देखने को मिला। स्मार्ट सिटी के तहत विकसित राजेंद्रनगर में भी सड़कों पर घुटनों से ऊपर तक पानी भर गया। कई वाहन पानी में फंसकर बंद हो गए और लोगों को मुश्किलों के बीच सड़क पार करनी पड़ी।
वार्ड 64 और 57 की कई गलियां भी जलभराव की चपेट में रहीं। प्राचीन शिव मंदिर परिसर में पानी भरने के बाद निर्दलीय पार्षद जय प्रकाश राजपूत ने प्लास्टिक की अस्थायी नाव में बैठकर विरोध जताया।
इसके अलावा जजेज कॉलोनी, डीआईजी आवास, एसएसपी कार्यालय, जिला अस्पताल, सुभाष नगर, बदायूं रोड, मढ़िनाथ, शांति बिहार, कुर्मांचल नगर, कांकर टोला, हजियापुर और चकमहमूद समेत कई इलाकों में पानी भरा रहा।
नगर निगम ने बढ़ाई जल निकासी की रफ्तार
जलभराव की स्थिति को देखते हुए नगर निगम की टीमें लगातार पंप और मशीनों के जरिए पानी निकालने में जुटी रहीं। महापौर डॉ. उमेश गौतम ने नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य और अन्य अधिकारियों के साथ कई प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया।
रेजिडेंसी गार्डन, संजय नगर, हजियापुर और डेलापीर में मौके पर पहुंचकर जल निकासी की स्थिति का जायजा लिया गया।
नगर निगम के मुताबिक, रिकॉर्ड बारिश के बावजूद करीब 80 प्रतिशत पानी की निकासी की जा चुकी थी। अधिकारियों का लक्ष्य बचा हुआ पानी भी मंगलवार सुबह तक निकालने का था।
संजय नगर संपवैल में ट्रांसफॉर्मर और जनरेटर पानी में डूब जाने के बाद वहां सुपर सकर मशीन की मदद ली गई। जलस्तर कम होने पर मशीन को दोबारा संचालित किया गया।
शहर में जल निकासी के लिए 7 संपवैल, 15 डीजल पंप और 3 सक्शन मशीनें लगातार काम कर रही हैं। आपात स्थिति में लोगों की मदद के लिए क्विक रिस्पांस टीम यानी QRT भी सक्रिय की गई है। नगर निगम ने 24 घंटे के कंट्रोल रूम के लिए 7055519637 नंबर जारी किया है।
कक्षा 1 से 8 तक के स्कूलों में दो दिन और छुट्टी
भारी बारिश और शहर में बने जलभराव के कारण बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कक्षा 1 से 8 तक के स्कूलों में दो दिन का अतिरिक्त अवकाश घोषित किया गया है।
डीएम के निर्देश के बाद बीएसए ने सभी बोर्डों से संबंधित कक्षा 1 से 8 तक के विद्यालयों के लिए 8 और 9 सितंबर को छुट्टी का आदेश जारी किया है।
कई निजी स्कूलों ने सुरक्षा को देखते हुए कक्षा 12 तक के विद्यार्थियों के लिए भी अवकाश घोषित कर दिया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जारी आदेश का पालन नहीं करने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल नगर निगम और प्रशासन की टीमें जल निकासी और राहत कार्य में जुटी हैं। रिकॉर्ड बारिश के बाद शहर के सामान्य जनजीवन को पटरी पर लाने के लिए कई स्थानों पर लगातार अभियान चलाया जा रहा है।






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